Types of floods बाढ़ के प्रकार

Types of floods बाढ़ के प्रकार

 Types of floods बाढ़ के प्रकार ,दोस्तों आज हम बात करेंगे ,Types of floods बाढ़ के प्रकार, के बारे में। पहले जान लेते हैं बाढ़ है क्या। सीधे शब्दों में कहूं तो, किसी भी जगह जरुरत से ज्यादा पानी का होना बाढ़ कहलाता है।

जिस पानी के कारन हम अपना कोई कार्य नहीं कर पाते। मुख्य्तः Types of floods बाढ़ के प्रकार, छह हैं। जिनसे बाढ़ आती है। निचे हम पहले शार्ट में ,बाढ़ के प्रकार, को जानेंगे और फिर उससे निचे वाले पैराग्राफ में हम उनसे होने वाले हानि के साथ साथ विस्तार पूर्वक हिंदी और इंग्लिश दोनों में जानेंगे। बाढ़ के प्रकार,को

Types of floods बाढ़ के प्रकार

(1) वर्षा की अधिकता के कारण नदी का बाढ़

वर्षा की अधिकता के कारण नदी का बाढ़ = जब अधिक वर्षा होती है और वर्षा का जल नदी में नहीं समां पाता है और किनारे को तोड़ कर बाहर फैल जाता है तो इसे नदी में वर्षा जल की बाढ़ कहते हैं।

(2) बर्फ पिघलने से नदी में आयी बाढ़

बर्फ पिघलने से नदी में आयी बाढ़= कभी कभी बर्फ पिघलने से भी नदी में बाढ़ आ जाती है। जनजीवन अस्त व्यस्त हो जाती है।

(3) झील की बाढ़

झील की बाढ़ = कभी कभी झील में वर्षा के जल के अधिक मात्रा में आ जाने से बाढ़ आ जाती है।

(4) समुद्री बाढ़

समुद्री बाढ़ = ऐसी बाढ़ तब आती है जब वृहत ज्वार के समय पवन के वेग से उठी लहरें एक साथ मिल जाती है। तो तटवर्ती क्षेत्र समुद्री जल में डूब जाती है।

(5)भूकंप से उठी समुद्री लहरों से आयी बाढ़

भूकंप से उठी समुद्री लहरों से आयी बाढ़ = भूकंप के झटकों से समुद्र में ऊँची-ऊँची लहरें (सुनामी ) एक साथ मिल जाती हैं ये लहरें किनारे बसे क्षेत्र को काफी दूर तक जल में डुबो देती है।

(6)अधिक बारिश होने के कारन

अधिक बारिश होने के कारन = जब अधिक बारिश होती है। तो किसी भी जगह बाढ़ आ जाती है। फर्क नहीं पड़ता की उस जगह कोई नदी ,समुद्र ,झील है या नहीं है।


Types of floods बाढ़ के प्रकार को आइये अब जानते हैं। बिस्तर से


(1) वर्षा की अधिकता के कारण नदी का बाढ़

वर्षा की अधिकता के कारण नदी का बाढ़ = जब अधिक वर्षा होती है और वर्षा का जल नदी में नहीं समां पाता है और किनारे को तोड़ कर बाहर फैल जाता है तो इसे नदी में वर्षा जल की बाढ़ कहते हैं। अक्सर देखा जाता है की जब नदी का बाढ़ आता है तो नदी के किनारे बसे गांव बाढ़ की चपेट में आ जाती है।

नदी का बाढ़ नदी के किनारे बसे गांव और जहां तक उस नदी का पानी जाता है वहां तक के इलाके को अपने चपेट में ले लेती है। ऐसे में अगर उस नदी का बांध कमजोर हो तो होने वली छति काफी अधिक होती है।

क्योंकि बांध एका एक टूट जाता है और वहां बाढ़ आ जाती है। अगर बाढ़ रत में आयी तो जान माल की छती अधिक हो जाती है। क्योंकि ज्यादातर लोग उस वक्त सोये होये हैं। और गांव के लोगों के पास गे भैंस होती है जो खूटे से बंधे रह जाती है और बाढ़ में अपनी जान खोदेति है। और लोग पानी में फँस जाते हैं।

लोगों के पास जब तक खाने को सामान होता है तब तक तो कहते हैं पर जब खाने का सामान ख़त्म हो जाता है तो भूखे रहते हैं। ऐसे में के लोग अपनी जान से भी हाथ धो लेते हैं। ऐसी तवाही की तस्वीर आप निचे देख सकते हैं।

types of floods

Types of floods

types of floods
Types of floods बाढ़ के प्रकार
(2) बर्फ पिघलने से नदी में आयी बाढ़

बर्फ पिघलने से नदी में आयी बाढ़= कभी कभी बर्फ पिघलने से भी नदी में बाढ़ आ जाती है। जनजीवन अस्त व्यस्त हो जाती है। बात करें अगर हिमनद या ग्लेशियर की तो आप जानते ही हैं की स्वच्छ और निर्मल जल का स्रोत माना जाता है ग्लेशियर।

जल परियोजना ,सिंचाई ,घरेलु उद्योग आदि की पूर्ति ग्लेशियर में बर्फ पिघलने से ही होती है। वास्तव में पृथ्वी पर 80% लवणहीन जल ग्लेशियर पे ही हैँ। ऐसे में जब बर्फ ज्यादा पिघलता है तो नदी उस जल को संभाल नहीं पाती और बाढ़ आ जाती है।

बर्फ पिघलने से नदी में आयी बाढ़ से तवाही इसलिए ज्यादा होती है की ग्लेशियर का जल लगभग हर नदी तक जाती है। प्रत्येक नदी कहीं न कहीं ग्लेशियर से जुड़ी होती है। चाहे गंगा हो या यमुना।

ग्लेशियर जरूरत से ज्यादा तब पिघलता है जब प्रदुषण ज्यादा होती है इसलिए हमें प्रदुषण कम करनी चाहिए। और हमारे जो कर्तव्य हैं उसका पालन करना चाहिए।

types of floods

types of floods

Types of floods

Types of floods बाढ़ के प्रकार

 Types of floods

Types of floods बाढ़ के प्रकार

(3) झील की बाढ़

झील की बाढ़ = कभी कभी झील में वर्षा के जल के अधिक मात्रा में आ जाने से बाढ़ आ जाती है। झील में घूमना किसे पसंद नहीं लेकिन इसी झील के पानी का अधिक होना लोगों को परेशानी में डाल देती है। जब झील के पानी के बढ़ने के कारन बाढ़ आती है तो आस पास के इलाकों में भारी छती होती है।

क्योंकि झील के किनारे घर और दुकाने होती हैं। बहुत सी जगहों पे झील को देखने आये लोगों के लिए वहीं पास में ही ठहरने की व्यवस्था होती है। कश्मीर में ज्यादातर घरों की रोजी रोटी इसी से चलती है (जो लोग झील के किनारे बसे होते हैं )

वहां के लोग झील घूमने आये लोगों की सेवा भी करते हैं और उन्हें अपने घर में रख कर झील का सैर कराते हैं। वहां के लोगों का यह बिजनेस होता है। ऐसे में अगर उस झील में जल अस्तर बढ़ जाये तो ज्यादा नुकसान होता है।

Types of floods

types of floods

Types of floods बाढ़ के प्रकार

types of floods

(4) समुद्री बाढ़

समुद्री बाढ़ = ऐसी बाढ़ तब आती है जब वृहत ज्वार के समय पवन के वेग से उठी लहरें एक साथ मिल जाती है। तो तटवर्ती क्षेत्र समुद्री जल में डूब जाती है। समुद्री बाढ़ से भी बहुत अधिक तवाही होती है। क्योंकि समुद्र के किनारे बहुत सी झोपड़ियां होती है क्योंकि अंदर शहरों में वो जमीन लेके नहीं रह पाते।

समुद्री बाढ़ के कारन इन्हीं लोगों को ज्यादा छती पहुँचता है और इन्हे फिर से आसरा देने के कारन सरकार को पैसे खर्च करने पड़ते हैं। पर यह मज़बूरी होती है।

समुद्र के किनारे बसे लोग वहां आये लोगों को कम दामों में सामान मुहैया कराते हैं यह सुविधा होती है। ज्यादा तर समुद्र के किनारे बड़े शहर ही बसे होते हैं। इंडिया में जैसे मुंबई। और आप जानते ही हैं की अगर मुंबई एक दिन के लिए बाढ़ के कारन थम जाये तो क्या नुकसान होगा।

Types of floods बाढ़ के प्रकार

Types of floods बाढ़ के प्रकार

Types of floods

Types of floods बाढ़ के प्रकार

Types of floods बाढ़ के प्रकार

(5)भूकंप से उठी समुद्री लहरों से आयी बाढ़

भूकंप से उठी समुद्री लहरों से आयी बाढ़ = भूकंप के झटकों से समुद्र में ऊँची-ऊँची लहरें (सुनामी ) एक साथ मिल जाती हैं ये लहरें किनारे बसे क्षेत्र को काफी दूर तक जल में डुबो देती है। ऐसे बाढ़ में नुकसान ज्यादा होता है

क्योंकि भूकंप का पूर्व अनुमान लगाना मुश्किल है इसलिए सुनामी का भी पता नहीं लग पाता। और जान माल की छती भूकंप से तो होती ही है साथ ही साथ लोगों को उनसे आयी बाढ़ का भी सामना करना परता है। और जन जीवन अस्त व्यस्त हो जाती है।

types of floodsTypes of floodstypes of floods
(6)अधिक बारिश होने के कारन

अधिक बारिश होने के कारन = जब अधिक बारिश होती है। तो किसी भी जगह बाढ़ आ जाती है। फर्क नहीं पड़ता की उस जगह कोई नदी ,समुद्र ,झील है या नहीं है। ग्लेशियर पिघला या नहीं। अक्सर पहाड़ी इलाकों में बदल के पहाड़ से टकराने के कारण बारिश होती है।

पर वह पानी बाढ़ का रूप नहीं लेपाती क्योंकि पानी खाढ़ी में चली जाती है। लेकिन जब ऐसी ही बारिश क्षेत्रीय इलाकों में होती है तो वहां बाढ़ आ जाती है। वहीँ जब बादल फट जाये तो पानी की मात्रा और बढ़ जाती है।

types of floods

types of floods

types of floods


Now, these reports in English अब इन्ही खबरों को इंग्लिश में

Types of floods

friends today we will talk about, the type of floods, about First you know what is the floods Simply put, water is said to be more water than required at any place.

The water that we can not do any of our work. Mainly the type of floods, there are six. Which floods. We will learn the types of floods in the first shirt, and then in the paragraphs below it, we will learn about them in detail both in Hindi and English, along with losses. The type of flood, to

  1. Flood of the river due to excessive rainfall
  2. Floods in the river by melting ice
  3. Flood of the lake
  4. sea flood
  5. Floods arising from sea waves arising from an earthquake
  6.  Due to excessive rainfall
Types of floods बाढ़ के प्रकारबाढ़ के प्रकारTypes of floods बाढ़ के प्रकार
(1) Flood of the river due to excessive rainfall

Due to excessive rainfall, the flood of the river = when there are more rainfall and the water of rain does not get absorbed in the river and after breaking the edge it spreads out, then it is called the flood of rainwater in the river. It is often seen that when the flood of the river comes

the villages along the banks of the river come into the grip of a flood. A river flows through the banks of the river and as far as the water of the river goes, it takes its area in its grip. In such a situation,

if the dam of that river is weak, then the roof is very large. Because the dam is broken and one flood there.

If the flood comes, then the ceiling of life becomes more and more. Because most people have fallen asleep at that time. And the people of the village have gay buffaloes who are tied in a dump and have lost their lives in the flood. And people are trapped in water.

As long as people have food to eat, they are said to be hungry, but when food is finished, they are hungry. In such cases, people also wash their hands. You can see the picture of such a flyer below.

Types of floods बाढ़ के प्रकार

(2) Floods in the river by melting ice

Floods in the river due to melting snow = Sometimes the melting of ice also flows into the river. The lifespan is busy. Talk if you know of glacier or glacier, that is the source of clean and serene water glacier. Water supply, irrigation, domestic industry etc. is done only by melting ice in the glacier.

In reality, 80% salt water on the planet is on the glacier pe. In such a case, when the snow melts more than the driver does not handle the water and the flood is coming. The melting of snow in the river due to melting snow is more so that the water of the glacier goes to almost every river.

Every river is attached to the glacier somewhere. Whether it is Ganges or Yamuna Glacier melts more than needs when pollution is high, so we should reduce pollution. And we have to follow what we have to do.

types of floods

(3) Flood of the lake

Flood of Lake = Occasionally flooding occurs in the lake due to excessive rainfall of rainwater. Who does not like to roam in the lake, but more of this lake’s water puts people in trouble.

When there is a flood due to the increase of lake water, there is a heavy roof in the surrounding areas. Because there are houses and shops on the side of the lake For many people visiting the lake in many places there is an arrangement for lodging nearby. Most of the houses in Kashmir run by the roti (those who are settled along the banks of the lake)

people also serve people coming to the lake and keep them in their house and make a trip to the lake. The people of this place have this business. In such a situation, if there is increased water lining in that lake, then more damage happens.

types of floods

(4) sea flood

Marine Flood = This kind of flood occurs when waves arising from the velocity of the wind at the time of large tide get together. Then the coastal area is submerged in seawater.

There is much more watering than the sea flood. Because there are many huts on the banks of the sea because they can not take the land in the cities.

Because of the sea flood, these people reach the roof more and the government has to spend money due to their rehabilitation. But this is power.

This facility is provided by people living on the seafront and providing goods to the people who come there at low prices. Most of the big cities are settled by the sea. Like in Mumbai, And you know what will happen if Mumbai goes for one day due to the flood.

Types of floods बाढ़ के प्रकार

(5) Floods arising from sea waves arising from an earthquake

Floods arising from sea waves arising from an earthquake. * High-waves (tsunami) get together in the ocean by the shaking of earthquakes; These waves sink the adjoining area into the water far enough.

Damage in such floods is high because it is difficult to predict an earthquake, hence the tsunami is not known. And the rooftop earthquake of life and the earthquake is the same as well, it is also a reflection of the people facing the influx from them. And the mass life is busy.

types of floods

(6) Due to excessive rainfall

Due to excessive rainfall = when it rains. So any place is flooded. It does not matter whether there is a river, sea, lake or not. Whether the glacier melts or not. Often hilly terrains cause rains due to hitting the mountain.

But the water does not get the form of the flood because water flows into the river. But when such rain occurs in regional areas, there is a flood. When the cloud erupts, the number of water increases.

Types of floods बाढ़ के प्रकार

Types of floods बाढ़ के प्रकार

Types of floods बाढ़ के प्रकार

Types of floodsTypes of floods बाढ़ के प्रकार

Types of floods बाढ़ के प्रकार



Natural Disasters Floods


 


 

2 thoughts on “Types of floods बाढ़ के प्रकार

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *