Natural Disasters Floods

Natural Disasters Floods

Natural Disasters Floods बिहार का खवासपुर एक ऐसा जगह है, जहां प्रत्येक वर्ष बाढ़ आती है, और हजारों घर बाढ़ में तबाह हो जाती हैं, बहुत सी फसलें तबाह हो जाती है, खवासपुर खवासपुर का शोक नदी कह सकते हैं परमान नदी को क्योंकि यह नदी हर हर वर्ष अपना कहर यहां के लोगों को सहने पर मजबूर कर दिया है, इस नदी का कोई तोड़ अब तक सरकार नहीं लगा पाई है, यह नदी इतनी टेढ़ी-मेढ़ी है क्या आप अंदाजा भी नहीं लगा सकते हर कदम पर यह नदी अपना रुख बदल देती है

Due to Natural Disasters Floods one day it will happen

आने वाला एक समय ऐसा होगा जब खवासपुर मार्केट के बहुत ही करीब यह प्रमाण नदी आ पहुंचेगी और लोग कुछ नहीं कर पाएंगे, यहां हर वर्ष बाढ़ के बाद नेता लोग आते हैं भाषण देते हैं और चले जाते हैं, इस विशालकाय नदी सिर्फ लोगों ने मिट्टी ही डाली है जिससे इस नदी का किसी ने कुछ भी अब तक नहीं बिगाड़ा है जिससे कि लोगों को राहत पहुंचे, बहुत से घरों से लोग बेघर हो चुके हैं लोग सरकारी जगहों पर अपना कुटिया बनाकर रहते हैं, अगर कोई बाढ़ के समय में खवासपुर का नजारा देख ले तो निश्चित ही उनकी आंखों से आंसू निकल आएंगे,

Natural Disasters Floods

बाढ़ के समय तो राहत सामग्री मिलती है पर क्या इस राहत सामग्री से लोगों को कभी छुटकारा नहीं मिल पाएगा, क्या लोग इसी तरह मजबूर होकर इस विपदा को ताउम्र खेलते रहेंगे, क्या यही नसीब है यहां के लोगों का क्या यही नियति है क्या यहां के लोग इसीलिए जन्म लेते हैं क्या इस समस्या का कोई समाधान नहीं, मैं आज आप लोगों को इस पोस्ट में पिछले वर्ष आए बाढ़ की कुछ तस्वीरें दिखाना चाहता हूं, जिसे देख आप भी कह उठेंगे कि क्या यही नियति है

Shiver will rise

आपका भी रूह कांप उठेगा आप अभी से हम उठाएंगे आप इस पोस्ट में देखेंगे, कि कैसे उन सरकारी भवनों के नीचे से मिट्टी गायब हो जाती है किस तरह, बिहार में सरकारी भागने बनती है और क्या बुनियाद होती है उसकी कितना मजबूत होता है वह कितने लोगों की जान से खिलवाड़ किया जाता है, मैं आपको दिखाऊंगा एक ऐसा भवन इसका प्लास्टर तो खरा है पर नीचे एक भी मिट्टी नजर नहीं आती कितनी कमजोर थी इसकी नीव एक बाढ़ में नीचे से मिट्टी गायब हो गई

Natural Disasters Floods

यह आप ही बताएं यहां बाढ़ ताकतवर है या इस भवन का नीव ही कमजोर था, इस बाढ़ की चपेट में आकर एक मंदिर कैसे विस्मित हो जाता है, यह नजारा भी आप देखेंगे हमारे इस पोस्ट में लोग कमाकर अपने जीवन में आगे बढ़ते हैं, पर हमारे खवासपुर की ऐसी किस्मत है कि हम लोग रोज कमा के रखते हैं और इंतजार करते हैं की बाढ़ में जो तबाही होगी उसकी भरपाई करेंगे

It has to be hungry for many days

हम लोग कई दिन भूखे भी रहते हैं हमारे यहां आने जाने के कोई साधन नहीं बचता है, हमारे गांव से 15 किलोमीटर दूर फोरबिसगंज और 15 किलोमीटर दूर अररिया है, जब बाढ़ आती है, तो हमारा संपर्क इन दोनों जगह से टूट जाता है बाकी की बातें आप हमारे पोस्ट में दी गई तस्वीरों से अंदाजा लगा ही सकते हैं कि हमारा क्या हालत होता है बाढ़ के समय उम्मीद है कि आपको यह पोस्ट अच्छी लगेगी दोस्तों मिलते हैं फिर एक नई पोस्ट के साथ तब तक आप हमारे इस पोस्ट के साडे तस्वीरें गौर से देखें धन्यवाद

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